शुक्रवार, 14 मई 2010

‘गुरांवट’ ने दी उम्मीदें

चकोर की पहली फिल्म सिनेमाघरों में ‘गुरांवट’ के प्रदर्शन के पहले दिन जुटी अपार भीड़ ने न केवल उसमें काम करने वाले कलाकारों को उम्मीदें दी हैं, अपितु निर्माता को भी इस बात का भरोसा दिया है कि पूरी तरह छत्तीसगढ़िहा संस्कृति पर आधारित फिल्म को भी लोग पसंद करते हैं। ‘गुरांवट’ के निर्माता चन्द्रशेखर चकोर, हीरो शिव चन्द्राकर और हीरोइन संजू साहू ने गुरूवार को एक बातचीत करते हुए उक्त बातें कहीं। निर्माता चकोर कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में बनने वाली फिल्मों मुंबईया स्टाइल की झलक हो, उसमें तमाम तामझाम हो और बालीवुड की धमाकेदार म्यूजिक हो, ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है। पूरी तरह से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पहले दिन से ही दर्शकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। गत करीब 10 सालों से नाटकों में अभिनय करने वाले शिव चन्द्राकर की बतौर हीरो यह पहली फिल्म है। शिव का मानना है कि इस फिल्म ने उन्हें कई मायने में उम्मीदें दी हैं। सारे कलाकार स्थानीय हैं और वे बगैर किसी बाहरी समर्थन के भी बेहतर फिल्में कर सकते हैं, यह ‘गुरावंट’ से साबित हुआ है। हीरोइन संजू ने भी मुख्य नायिका के रूप में पहली बार इस फिल्म में काम किया है, हालांकि ‘मोर छइयां भूंईया’, ‘मया’, ‘बैर’ और ‘भांवर’ आदि में वे दिख चुकीं हैं। संजू ने बताया कि उनकी दो फिल्में आने वाली हैं। ‘मया के डोरी’ और ‘महूँ दिवाना तहूं दीवानी’ में वे बतौर सह-नायिका पर्दे पर आएंगीं। अब तक आई फिल्मों से अलग किरदार इस फिल्म में संजू का है, वहीं आने वाली फिल्मों में भी काफी अलग तरह की भूमिकाएं वे करने जा रहीं हैं।

2 comments:

'उदय' ने कहा…

...जय जोहार !!

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

चंदसेखर भाई के ये फिलिम के बारे म ओखर बरखाबारी मा पढे रेहेंव. फिलिम खच्चित बढि़या होही काबर कि चंदसेखर भाई छत्‍तीसगढ़ी के योग्‍य साहितकार ये.


आपमन ये जानकारी ला इंहा देव येखर बर धन्‍यवाद.